उम्मीद और बदलाव की लहरों पर सवार होकर अमेरिका की किस्म बदलने निकले बराक हुसैन ओबामा ने मंगलवार को देश के 44 वें प्रेजिडेंट के तौर पर शपथ ले ली। अमेरिका ने पहली बार एक अश्वेत अफ्रीकी के बेटे को अपना मुखिया बनाकर दासता और रंगभेद के तकलीफदेह इतिहास का बदला लेने का संकल्प दिखाया। उत्तेजना , जोश और भावुकता से सराबोर यह माहौल इस बात की गवाही दे रहा था कि एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है- ओबामा युग। लेकिन इस अहसास के साथ कि चेंज का चैलेंज मामूली नहीं है। ओबामा को वह कर दिखाना है , जो उनकी पीढ़ी में किसी को नहीं करना पड़ा। मंदी की मार झेल रहे अमेरिका को ओबामा से चमत्कार की उम्मीद है और ऐसे में सिर्फ यही कहा जा सकता है- ऑल द बेस्ट।

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